चंडीगढ़। पंजाब भाजपा के उपाध्यक्ष डॉ. सुभाष शर्मा ने यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक का स्वागत करते हुए इसे समाज के व्यापक वर्ग के लिए राहत देने वाला फैसला बताया। उन्होंने कहा कि इन नियमों को लेकर आम लोगों के मन में आशंका थी कि इनके दुरुपयोग की संभावना बन सकती है और इसकी आड़ में निर्दोष व्यक्तियों को भी परेशान किया जा सकता है।
डॉ. शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय से समाज में व्याप्त शंकाओं का स्पष्ट समाधान हुआ है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि किसी भी कानून या नियम का उद्देश्य न्याय और समानता की स्थापना होना चाहिए, न कि निर्दोष लोगों को अनावश्यक रूप से निशाना बनाना।
उन्होंने कहा कि समाज में आपसी भाईचारा, समरसता और एकता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। केंद्र की मोदी सरकार जातिगत भेदभाव को समाप्त करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसके विरुद्ध सख्त प्रावधान करने के पक्ष में है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी निर्दोष व्यक्ति को किसी प्रकार की हानि न पहुंचे।
डॉ. सुभाष शर्मा ने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार यूजीसी के नए नियमों को पूरी संवेदनशीलता और संतुलन के साथ पुनः तैयार करेगी, ताकि न तो जातिगत भेदभाव को बढ़ावा मिले और न ही किसी निर्दोष को लक्ष्य बनाया जाए। उन्होंने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूल मंत्र को ध्यान में रखते हुए नियमों का नया मसौदा तैयार किया जाएगा, जिससे समाज सौहार्द और सुहृदयता के साथ आगे बढ़ सके।